अभी तक भारत मैं चार चरणों मैं यह लागू किया गया है।
भारत मैं पहली बार साल 2000 मैं BS को ‘इंडिया 2000’ नाम से लागू किया गया था
साल 2005 में BS-II
साल 2010 में BS-III
देश में BS-IV साल 2017 में लागू हुआ।
BS-IV के बाद सीधे BS-VI क्यों आया?
बढ़ते प्रदूषण लेवल और लंबे अंतराल को देखते हुए BS-V को छोड़कर सीधे BS-VI लागू करने का निर्णय लिया गया।
अब सवाल ये उठता है की कि BS-VI क्या है ?
सरकार इसे अनिवार्य क्यों करना चाहती है? सबसे पहले यदि BS-VI की बात की जाए तो BS-VI का मतलब है भारत स्टेज VI.
भारत स्टेज है क्या -
भारत स्टेज एक प्रदूषण नियंत्रण मानदंड का नाम है जिस के अनुरूप पेट्रोल और डीजल के इंजन द्वारा उत्सर्जित किए जाने वाले प्रदूषण की मात्रा का किया जाता है। जिसे हम BS के नाम से जानते हैं और ६ का मतलब है की ये भारत में लागू प्रदूषण नियंत्रण मानदंड का छठा चरण है।
यह काम कैसे करता है -
जैसे किसी भी प्रकार का वाहन हो जिसमें पेट्रोल और डीजल का प्रयोग होता है उससे निकलने वाले धुएं में कितना प्रदूषण होना चाहिए उसकी एक लिमिट तय करती है. जैसे कोई वाहन 5 km मैं 5% प्रदूषण उत्सर्जित करती है तो उसको एक लिमिट दी जाएगी परन्तु अगर वो 5 % से ज़्यादा प्रदूषण कर रही है तो उस वाहन को चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। BS6 होने वाले में सल्फर की मात्रा 10 पीपीएम पास होती है, जब की BS4 मैं 50 पीपीएम जो की BS6 के मुकाबले वातावरण को काफी प्रदूषित करती है।
और अब आप समझते ही होंगे की अगर वातावरण साफ़ रहा तो इंसान को कितना फायदा है कितनी बीमारियो से बचा जा सकता है जो सिर्फ प्रदूषण की वजह से होती है।
2 Comments
Good blog
ReplyDeleteNoce info
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